रविवार, 25 जनवरी 2009

पीछे मुड कर
देखना भी
ज़रूरी होता है
जब कहीं नज़र न आती हो
आगे जाने की राह॥



महफूज़ अली


2 टिप्पणियाँ:

Mohan Vashisth ने कहा…

गणतंत्र दिवस की आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं

http://mohanbaghola.blogspot.com/2009/01/blog-post.html

इस लिंक पर पढें गणतंत्र दिवस पर विशेष मेरे मन की बात नामक पोस्‍ट और मेरा उत्‍साहवर्धन करें

raj ने कहा…

peeche mud ke sirf dekha hi ja sakta hai..jaya nahi.or peeche ab dekhne ko hai bhi kya ek gahra andhera.....bus...

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