मंगलवार, 8 सितंबर 2009

हम भी हमेशा के लिए सो जायेंगे! ! ! ! ! ! !



ख़्वाबों की दुनिया में जीना कितना अच्छा लगता है,


होता है वहाँ बिल्कुल वैसा जैसा कि


हम सोचते हैं।


मेरे ख्वाबों में वो आना उनका,


मुझे नींद में से जगाना उनका,


मेरे चेहरे पे अपनी जुल्फों का गिराना उनका,


अपनी खुशबू से मेरे वजूद को महकाना उनका,


वो चलना मेरे साथ उस रस्ते पे जिसकी कोई मंज़िल नही,


वो बैठ जाना किसी वीराने में मेरे साथ उनका,


और


वो तन्हाईयों को महफिल बनाना उनका।



जब -जब जागे हम नींद से आँखें मलके,


ढूँढा उन्हें तो उनका कोई निशाँ न मिला,


वो आते नहीं अब हमसे मिलने जागते हुए,


ग़र वो कह दें कि सिर्फ़ ख़्वाबों में ही मिलने आएंगे,


तो क्या ज़रूरत है मुझे जगने की ,


हम भी हमेशा के लिए सो जायेंगे॥


रविवार, 6 सितंबर 2009

आईये जानें क्लीन चिट (Clean Chit) और क्लीन शीट (Clean Sheet) की रहस्यमय गाथा....?



आईये, आज मैं आप लोगों को फिर एक नई चीज़, एक शब्द के इतिहास से रूबरू करा रहा हूँमेरा, यह लेख पढ़कर आप लोगों के समझ में जाएगा की हम भारतीय कितने बड़े और ज़रूरत से ज़्यादा अंग्रेज्दा हैंबेचारे , अँगरेज़ भी हमारी अंग्रेज़ी देख, सुन और पढ़कर अपना सर फोड़ते होंगे या फिर बेचारे दिन में तीन बार आत्महत्या तो ज़रूर करते होंगे


जिस शब्द को आपसे रूबरू कराने जा रहा हूँ, वो शब्द इतना कॉमन है जितना की पानी या फिर बाबू शब्दआप लोग उस शब्द से रोज़ाना रूबरू होतें हैं, देखते हैं,पढ़ते हैं और सुनते हैंजिस शब्द का इतिहास और उदय आपको बताने जा रहा हूँ वो अंग्रेज़ी का ही शब्द है जिसे बड़े-बड़े अंग्रेज़ी के अख़बार और पत्रिकाएं जैसे TIMES OF INDIA, HINDUSTAN TIMES, INDIAN EXPRESS, THE HINDU, THE PIONEER, THE WEEK, HITAVADA, INDIA TODAY, OUTLOOK OR WISDOM भी अपने लेख समाचारों में ग़लत प्रकाशित करते हैंकई सरकारी संवैधानिक आदेश भी उस शब्द को ग़लत लिखते हैंवो शब्द हमारी गुलामी की मानसिकता को ही इंगित करते हैंऔर ख़ुद कई भारतीय अंग्रेज़ी विद्वानों को उस शब्द का मतलब नही पता हैबस, बोलने और लिखने के लिए आए दिन उसका प्रयोग होता है, जो की पूरी तरह से ग़लत है


आप लोगों ने CLEAN CHIT नाम का शब्द ज़रूर सुना होगाअंग्रेज़ी और हिन्दी अखबारों, पत्रिकाओं , टी.वी . , सरकारी संवैधानिक आदेशों में इस शब्द का धड़ल्ले से प्रयोग होता हैलेकिन, क्या कभी इस शब्द को किसी DICTIONARY या ENCYCLOPEDIA में देखा या खोजा है आपने? और अगर देखा है या खोजा है तो दावे के साथ कह सकता हूँ कि नहीं मिला होगा. और ही कभी मिलेगायह CLEAN CHIT शब्द सिर्फ़ भारत में ही पाया जाता है, और सिर्फ़ भारतीय ही इसका प्रयोग कर सकते हैं, अगर कोई अँगरेज़ अपने देश में बोलेगा इस शब्द को तो लोग उसका इतना मजाक उड़ा देंगे कि बेचारे को कटोरे में पानी लेके डूब मरना होगायह शब्द कभी भी आपको BRITAIN, US और कुछ EUROPEAN देशों में नहीं मिलेगा, बाकी जो EUROPEAN COUNTRIES हैं उनकी भाषा अंग्रेज़ी है ही नही


इस शब्द का इतिहास ज़्यादा पुराना नही है, यह भी २०० साल ही पुराना है, और ही यह अंग्रेज़ों की देन हैइस शब्द में हमारी गुलामों वाली मानसिकता ही है....... और हम आज भी गुलाम ही हैं..... अगर हम इस शब्द का प्रयोग कर रहे हैं तो........


आगे बढ़ने से पहले आपको CLEAN CHIT का मतलब बता दूँ.......


CLEAN CHIT का मतलब है:--



  • किसी को साफ़ सुथरे तरीके से बाइज्ज़त बरी करना

  • दोषमुक्त करना

  • मतलब दामन पे जो दाग़ लगा था उस दाग़ को पूरी तरह इज्ज़त और सम्मान के साथ धोते हुए विदा करना

CLEAN का मतलब तो आप सब लोग जानते ही होंगे


आईये, अब CHIT का मतलब जानें:-----



  • खरीदे हुए सामान के पैसों का विवरण।( A STATEMENT OF AN AMOUNT FOR COMMODITIES )

  • एक छोटा पत्र ।(A SHORT LETTER)

  • लॉटरी सिस्टम। (THE LOTTERY SYSTEM)

दरअसल CLEAN CHIT नाम का कोई शब्द है ही नहीसही शब्द है CLEAN SHEET.........


CLEAN SHEET माने कोरे कागज़ का टुकडा या फिर कोई कपड़ा जिस पर कोई दाग़ नहीं लगा है अब आईये मुद्दे की बात पर..... बात यह है की अंग्रेज़ों के ज़माने में जब कोई भी बात या घटना होती थी, और दोषी व्यक्ति को जब बाइज्ज़त बरी कर दिया जाता था, तो अँगरेज़ जज अधिकारी अपनी पत्रावली आदेश में CLEAN SHEET शब्द का इस्तेमाल करते थे, जो की हम भारतियों को समझ में आता था की वो अँगरेज़ CLEAN CHIT बोल रहे हैं क्यूंकि अँगरेज़ जब बोलते हैं तो तेज़ और होठों को कुछ इस तरह घुमा के बोलते हैं की उनकी भाषा हम भारतियों के समझ में नही आती थी और ही आज आती है......


तो CLEAN SHEET को हम भारतीय CLEAN CHIT समझते और सुनते थेजो की आगे चल कर हमारे संवैधानिक, सरकारी आम बोल-चाल में शामिल हो गया .......


पर गौर करने वाली बात यह है की हिंदुस्तान के बड़े-बड़े अंग्रेज़ी अख़बार पत्रिकाएं जिनमें से कुछ तो २०० साल से भी ज़्यादा पुराने हैं..... और जहाँ अंग्रेज़ी के तथाकथित विद्वान् (SEMI-LITERATE) किस्म के लोग बैठे हुए अख़बार संभाल रहे हैं वो भी CLEAN CHIT का ही इस्तेमाल करके अपने आज भी गुलाम होने का एहसास करा रहे हैं...... क्या उन लोगों ने नही सोचा इस CLEAN CHIT के बारे में.....? है आश्चर्य की बात ? अरे ! महानुभावों और भाई लोगों, इतने बड़े अँगरेज़ हो तो CLEAN SHEET लिखो , CLEAN CHIT क्यूँ लिखते हो? क्यूँ सदिओं से हमें और आने वाली नस्लों को गुमराह कर रहे हो?


बेचारा , LORD MACAULAY तुम लोगों का CLEAN SHEET को CLEAN CHIT लिखा देख लेता आज तो पंखे में सुतली (एक प्रकार का धागा जो की बोरा सिलने के काम आता है ) टांग के आत्महत्या कर लेता की यह क्या दे दिया उसने हिंदुस्तान को?



अरे भाई ! अंग्रेज़ी के अख़बार हो, तो सही अंग्रेज़ी लिखो , सही शब्द CLEAN SHEET है कि CLEAN CHIT.


लगे हाथों CLEAN SHEET का मतलब एक बार फिर जान लीजिये ...


CLEAN SHEET का मतलब होता है:---



  • आपके ख़िलाफ़ अब कोई दाग़ नही है। (THERE ARE NO BAD MARKS AGAINST YOU.)

  • बाइज्ज़त बरी। (EXCULPATED)

  • आपका कागज़ साफ़ सुथरा है

  • किसी को साफ़ सुथरे तरीके से बाइज्ज़त बरी करना।

  • दोषमुक्त करना

  • मतलब दामन पे जो दाग़ लगा था उस दाग़ को पूरी तरह इज्ज़त और सम्मान के साथ धोते हुए विदा करना।

तो भईया अंग्रेज़ी दानों ..... अब से CLEAN CHIT को CLEAN SHEET ही लिखना ....... CLEAN CHEAT मत लिख देना भाई........





Disclaimer: प्रस्तुत लेख तथ्य-परक है....)

शनिवार, 5 सितंबर 2009

मेरी रचनाएँ में लिखा लेख "बाबू" का प्रकाशन हिन्दी दैनिक अमर उजाला के सम्पादकीय पृष्ट में...



सर्वप्रथम मैं हिन्दी दैनिक अमर उजाला का आभारी हूँ की मेरे ब्लॉग लेख "आईये आज मैं आप लोगों को बताता हूँ की बाबू शब्द की उत्पत्ति कैसे हुयी?" को आज (दिनांक ०५/०९/'०९)अपने अखिल भारतीय सम्पादकीय पृष्ठ में प्रमुखता से प्रकाशित किया .........

-------------------------------------------------

मेरी इस सफलता का श्रेय सर्वप्रथम मैं आदरणीय मम्मी श्रीमती.रश्मि प्रभा जी को देता हूँ..... जिन्होंने मुझे हमेशा अच्छा लिखने की प्रेरणा दी..... उनके दुआओं का ही यह फल है......



मैं श्री समीर लाल जी (उड़न तश्तरी)...... श्री ॐ आर्य जी ...... श्री शरद कोकास जी...... श्री एम् एल वर्माजी .......... श्री शास्त्री जी मयंक जी........ श्री सलीम खान जी...... सीमा गुप्ता जी...... महक जी ....राजजी .... वंदनाजी ....काव्य मञ्जूषा जी .......उर्मिजी .......... रजिया जी..... पल्लवी त्रिवेदी जी...... रंजना भाटिया जी..... विक्रम जी........ दिगंबर नस्वा जी..... आशीष खंडेलवाल जी..... अनिल कान्त जी....... साधना जी.......संध्या जी...... अल्पना जी...... और हरकीरत जी का आभारी हूँ....... आप सब ने मुझे अच्छा मार्गदर्शन दिया...... और मेरे लिखे को सराहा ........ और हमेशा अच्छा लिखने को प्रेरित किया.......



-------------------------------------------

.

गुरुवार, 3 सितंबर 2009

आईये आज मैं आप लोगों को बताता हूँ की बाबू शब्द की उत्पत्ति कैसे हुयी?



आज कोई कविता नहीं थी लिखने के लिए...... लेकिन कुछ लिखने का बहुत मन कर रहा था, तो सोचा की क्यूँ आज कुछ अलग लिखा जाए, बहुत हो गई यह कविता - शविता...... लेकिन कोई भी चीज़ ध्यान में नहीं रहीं थीतभी सोचा की क्यूँ आज अपने पाठकों कुछ अलग ज्ञान दिया जाए..... तो बस एक लेख ध्यान में गया....


----------------------------------------------------------------------


हम लोगों ने अपने आस-पास बाबू नाम का शब्द ज़रूर सुना है...... हम प्यार से लोगों को बाबू कहते हैं, अपने बच्चों के नाम भी बाबू रखते हैं, सरकारी अधिकारीयों और क्लर्कों को भी बाबू कहते हैं ...... किसी से अगर काम भी निकलवाना है तो उससे भी बाबू-भइया कहकर बात करते हैं या कह लें की चापलूसी करते हैं....... और हम भारतीय तो बहुत खुश होते हैं....... अगर कोई हमें प्यार से बाबू कहे...... मतलब यह है की ...... बाबू को हम बहुत ही सम्मानजनक रूप में देखतें हैं............


लेकिन! क्या हमने कभी यह सोचा है की इस बाबू शब्द की उत्पत्ति कैसे हुयी है? शायद नही! हमनें कभी इतनी गहराई में जाने की नहीं सोची कभी...... भाई..... शब्द तो आख़िर शब्द है..... कहीं कहीं से तो आया ही होगा..... जो कि हमारे ज़िन्दगी में इतना घुस चुका है.... आईये जानते हैं कि यह शब्द आख़िर आया कहाँ से? जबकि यह शब्द हमें किसी भी शब्दकोष में नहीं मिलेगा......... यकीं आए तो खोज लीजिये किसी भी शब्द कोष में...... अगर मिल जाए तो मेहेरबानी करके मुझे भी बता दीजियेगा..... चलिए ज़्यादा लम्बी भूमिका नहीं बांधूंगा..... आईये जानते हैं इस शब्द के बारे में....


बात दरअसल यह है कि अंग्रेज़ों ने हम पे जैसा की हम सबको मालूम है की दो सौ साल तक राज किया.... और हम हिन्दुस्तानियों को बहुत ही हेय निगाह से देखा और रखा.... तो जो हिन्दुस्तानी लोग उस वक्त अंग्रेज़ों के घरों और सरकारी दफ्तरों में नौकर थे..... उन लोगों को अँगरेज़ बबून (baboon) पुकारते थे..... जैसा कि हमने देखा , पढ़ा और सुना होगा कि बबून (baboon) एक प्रकार का बन्दर प्रजाति का जानवर है.... जो कि अफ्रीका में पाया जाता है......जिसका मूँह कुत्ते जैसा और धड़ बन्दर जैसा होता है..... तो भाई! ये अँगरेज़ लोग हम हिंदुस्तानिओं को बबून (baboon) कह कर पुकारते थे..... जो कि अपभ्रंश होकर बाबू हो गया..... क्यूंकि हम हिन्दुस्तानियों को अंग्रेज़ों कि अंग्रेज़ी समझ में नही आती थी.... जब आज भी नहीं आती है तो उस वक्त क्या आती होगी..... अगर STAR MOVIES, HBO और AXN पे SUBTITLES चलें तो आज भी किसी के समझ में नही आती है.... तो जब अँगरेज़ हम हिन्दुस्तानियों को बबून (baboon) बुलाते थे..... तो हम हिन्दुस्तानियों कि यह लगता यह लगता था..... कि यह लोग हमें प्यार से बाबू बुलाते हैं...... और ऐसा अँगरेज़ उस वक्त ज़्यादा करते थे जब उनके घर में कोई विलायत से मेहमान आता था..... यहाँ तक कि उस वक्त के I.C.S. Officers को भी अँगरेज़ बबून ही बुलाते थे..... अब चूँकि अंग्रेज़ों कि अंग्रेज़ी हिन्दुस्तानियों को समझ में नही आती थी...... तो उनको लगता था कि ये लोग हमें बाबू बुलाते हैं...... और हम हिन्दुस्तानी भी ऐसे थे.... कि अपने घर जा कर उस वक्त लोगों को बड़ी खुशी-खुशी बताते थे कि अँगरेज़ हमें प्यार से बाबू बुलाते हैं..... बेचारों को क्या मालूम था कि अँगरेज़ हमें गालियाँ दे रहें हैं..... बबून कह के..... हम थे ही सीधे .....और आज भी हैं....... आज भी कितने हिन्दुस्तानी बबून (baboon) बन्दर के बारे में जानते हैं?



और धीरे - धीरे यह शब्द हमारी आम ज़िन्दगी में प्रचलन में गया...... आज यह शब्द हमारी नस नस में बस चुका है.... हम आज भी अपने यहाँ के क्लर्कों और IAS को बाबू ही बुलाते हैं.... किसी कि जब चापलूसी करते हैं तो बाबू ही कहते हैं...... चलिए अच्छा भी है इन bureaucrats और सरकारी क्लर्कों ने वैसे भी आम हिन्दुस्तानियों का जीना दुर्भर कर रखा है..... इसलिए इनको बाबू कहा जाता है.... बाबूगिरी करते हैं ये लोग...... यानी कि कुत्तागिरी..... कितना सही नाम दिया है अंग्रेज़ों ने...... हमें गर्व है कि हम बाबू हैं.......




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...